Maharana Pratap

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महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास में वीरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के पर्याय हैं। वे एक कठिन और उथल-पुथल भरे काल-खंड में पैदा हुए थे, जब मुगलों की सत्ता समूचे भारत पर छाई हुई थी और मुगल सम्राट अकबर अपनी विशिष्ट कार्य-शैली के कारण ‘महान’ कहा जा रहा था। लेकिन महाराणा प्रताप उसकी ‘महानता’ के पीछे छिपी उसकी साम्राज्यवादी आकांक्षा के विरुद्ध थे, इसलिए उन्होंने उसकी अधीनता स्वीकार नहीं की। परिणामस्वरूप अकबर उसके विरुद्ध युद्ध में उतरा। इस प्रक्रिया में महाराणा प्रताप ने जिस वीरता, स्वाभिमान और त्यागमय जीवन को वरण किया, उसी ने उन्हें एक महान लोकनायक और वीर पुरुष के रूप में सदा-सदा के लिए भारतीय इतिहास में प्रतिष्ठित कर दिया। महाकवि निराला ने प्रताप के इसी प्रेरक चरित्र को तथ्यात्मक ढंग से चित्रित किया है। मुख्य रूप से यह पुस्तक किशोर पाठकों को ध्यान में रखकर लिखी गई है, लेकिन इसकी प्रांजल भाषा-शैली और तथ्यपरकता इसे एक महापुरुष की ऐतिहासिक जीवनी का महत्त्व प्रदान कर देती है।

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